वो सुबह की धूप से कहा है मैंने
की तुम्हें जलाया न करे
ज़रा देर से निकले
भागते भागते तुम्हारे पैर
अगर थक जाएँ
तो पास के पेड़ों को कहा है की
पीछे की सड़क को ढक दें सूखे पत्तों से
फिर तुम्हें ठण्ड लगी
तो शामत आएगी उन हवाओं की
जिनको कहा है मैंने गर्म रहने को
सुबह आँख न खुली मेरी तो
शिकार करूँगा उन पंछियों का
जिनको कह रखा है मैंने
तुम्हारे हंसने की आवाज़ मुझ तक लाने को
अगर आज रात नींद से तुम्हें जगाया
किसी भी सपने ने तो मुझसे कहना
सच कहता हूँ
सारे सपने दुश्मन हो जायेंगे मेरे
की तुम्हें जलाया न करे
ज़रा देर से निकले
भागते भागते तुम्हारे पैर
अगर थक जाएँ
तो पास के पेड़ों को कहा है की
पीछे की सड़क को ढक दें सूखे पत्तों से
फिर तुम्हें ठण्ड लगी
तो शामत आएगी उन हवाओं की
जिनको कहा है मैंने गर्म रहने को
सुबह आँख न खुली मेरी तो
शिकार करूँगा उन पंछियों का
जिनको कह रखा है मैंने
तुम्हारे हंसने की आवाज़ मुझ तक लाने को
अगर आज रात नींद से तुम्हें जगाया
किसी भी सपने ने तो मुझसे कहना
सच कहता हूँ
सारे सपने दुश्मन हो जायेंगे मेरे
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