क्या आप गुस्से में हैं?
ना, हम तो बहुत खुश हैं
एक बड़े से घर में रहते हैं
अकेले
गुस्से में तो तब थे
जब तुम्हारी पटर-पटर से
हमारे कान दुःख जाते थे
अब तो खुश हैं
खाली घर में सिर्फ
हमारी ही आवाज़ गूंजती है
गुस्से में तो तब थे
गुस्से में तो तब थे
जब कोई था जिसपर खर्च करना था
मगर पैसे नहीं थे
अब तो खुश हैं
पैसे भी हैं
और कोई है भी नहीं
जिसपर खर्च करें
भाई गुस्से में तो तब थे
जब सारा दिन तुम्हें
आईने के सामने देख के
हमारा सर दुःख जाता था
अब तो बहुत खुश हैं
हमारे बड़े से घर में
कोई आइना ही नहीं है
गुस्से में तो तब थे
जब तुम हमें किसी और की तरफ
देखने नहीं देती थी
अब तो बहुत खुश हैं
चारों तरफ देखते रहते हैं
और तुम कहीं दिखाई नहीं देती!!!!!
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