वो बस्ती से जो उठ रहा है धुआं जैसा
वो तो जलते हुए लाशों की बू है.
वो तो जलते हुए लाशों की बू है.
किसी ने लड़की का दुपट्टा खिंचा
किसी ने आग लगा दी
हो गया हिसाब बराबर
अब कौन बड़ा गुनहगार है
इसका फैसला तो
कर गए हैं कुछ लोग
पिछले ज़माने में ही
जज साहब तो बस
उन्ही का लिखा पढ़ जाते हैं
अब आपको सही लगे या गलत
मगर उनकी कमीज़ नहीं खिंचता कोई
सबकी नज़र वहीँ
लड़की के दुपट्टे पर ही होती है
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