उस नौजवान कूली ने
मुझे अजीब नज़रों से देखा
एक बार तो मन हुआ की
कह दूँ की
दोस्त मुझे ग़लत न
समझो
मैं भी तुम जैसा ही हूँ
तुम मेरा बोझ ढोते हो
मैं किसी और का
दोनों ही कूली हैं
अगर तुम्हें ये
महसूस होता है की
बोझ तुम्हारे ही कंधो
पर है तो ये गलती
तुम्हारी नहीं
गलती ज़माने की है
जिसने मेरे कन्धों पर
ऐसा बोझ डाला है
मुझे अजीब नज़रों से देखा
एक बार तो मन हुआ की
कह दूँ की
दोस्त मुझे ग़लत न
समझो
मैं भी तुम जैसा ही हूँ
तुम मेरा बोझ ढोते हो
मैं किसी और का
दोनों ही कूली हैं
अगर तुम्हें ये
महसूस होता है की
बोझ तुम्हारे ही कंधो
पर है तो ये गलती
तुम्हारी नहीं
गलती ज़माने की है
जिसने मेरे कन्धों पर
ऐसा बोझ डाला है
जो दिखता नहीं
वजन मेरे बोझ
का तुम्हारे वाले से
कम नहीं
वजन मेरे बोझ
का तुम्हारे वाले से
कम नहीं
यकीं करो
तुम अपने शरीर पे पड़ा
बोझ तो स्टेशन के बहार
उतार दोगे
मैं अपना बोझ
किस स्टेशन के बाहर उतारूं
मगर मैंने कहा
कुछ नहीं
वो पैसे लेकर
कंधे झटकता हुआ चला गया
मैं खड़ा रहा
दोनों के बोझ के साथ
वहीँ स्टेशन पर
तुम अपने शरीर पे पड़ा
बोझ तो स्टेशन के बहार
उतार दोगे
मैं अपना बोझ
किस स्टेशन के बाहर उतारूं
मगर मैंने कहा
कुछ नहीं
वो पैसे लेकर
कंधे झटकता हुआ चला गया
मैं खड़ा रहा
दोनों के बोझ के साथ
वहीँ स्टेशन पर