सच क्या है जानते हो?
सच तो ये है की
सिर्फ अँधेरा ही सच है
रोशनियाँ तो आती और जाती रहती हैं
मगर अँधेरा वहीँ रहता है
ठीक वहीँ, हमेशा।
तुम रौशनी के न होने को
अँधेरा कहते हो
सच तो ये है की
रौशनी में दिखता नहीं
मगर अँधेरा तो वहीँ होता है
ठीक वहीँ, हमेशा
तुम्हें अँधेरे में दिखता नहीं
तो तुम डरते हो अँधेरे से
अँधेरा हर पल लड़ता है रौशनी से
हार जाता है हर बार
मगर भागता नहीं
वो तो वहीँ होता है
ठीक वहीँ, हमेशा
सच तो ये है की
सिर्फ अँधेरा ही सच है
रोशनियाँ तो आती और जाती रहती हैं
मगर अँधेरा वहीँ रहता है
ठीक वहीँ, हमेशा।
तुम रौशनी के न होने को
अँधेरा कहते हो
सच तो ये है की
रौशनी में दिखता नहीं
मगर अँधेरा तो वहीँ होता है
ठीक वहीँ, हमेशा
तुम्हें अँधेरे में दिखता नहीं
तो तुम डरते हो अँधेरे से
अँधेरा हर पल लड़ता है रौशनी से
हार जाता है हर बार
मगर भागता नहीं
वो तो वहीँ होता है
ठीक वहीँ, हमेशा
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