ये सर्द हवाएं मुझे जलाती रहीं
और मैं ओस में खुद को
भिगोता रहा
नींद आ जाये इस इंतज़ार में
मैं चलता और सोता रहा
मैं तो वो हूँ जो कहीं के नहीं होते
तो खाली सड़क पर खड़ा
मैं बस वहीं का होता रहा
मेरे भाई ने कहा था मुझसे
की हर पागलपन की दवा होती है
मगर तुम न रहना गलतफहमी में
की मुझे जरूरत है तुम्हारी
मैं हर दवा खाकर भी
अपने पागलपन को ढोता रहा
तुम्हें तो अजीब लगता होगा
मैं जानता हूँ
मगर ऐसे ही अजीब बना हुआ
मैं सारी रात जागता
बस रोता रहा।
और मैं ओस में खुद को
भिगोता रहा
नींद आ जाये इस इंतज़ार में
मैं चलता और सोता रहा
मैं तो वो हूँ जो कहीं के नहीं होते
तो खाली सड़क पर खड़ा
मैं बस वहीं का होता रहा
मेरे भाई ने कहा था मुझसे
की हर पागलपन की दवा होती है
मगर तुम न रहना गलतफहमी में
की मुझे जरूरत है तुम्हारी
मैं हर दवा खाकर भी
अपने पागलपन को ढोता रहा
तुम्हें तो अजीब लगता होगा
मैं जानता हूँ
मगर ऐसे ही अजीब बना हुआ
मैं सारी रात जागता
बस रोता रहा।
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