हाँ उसी मीना बाज़ार में
झुमके की दुकानों पे भाग रहा हूँ
तुम्हारी हँसी की आवाजों को
सहेजने की कोशिश में
भेस बदल बदल कर
जाता हूँ हर बार वहीँ
तुमने हँसते हुए
ख़ुद को देखा था जिनमें
उन आइनों को खरीदने की कोशिश में
वो चौकीदार मुझे चोर समझता है
उसे भी क्या पता
की मैं आता हूँ अपना ही कुछ
सामान समेटने की कोशिश में
Monday, October 26, 2009
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