तुम गए तो गए
मुझे कोई ग़म नहीं
मेरा क्या ले गए तुम
हाँ मगर वो झील के किनारे
चने बेचनेवाला पूछ रहा था तुमको
मुझे तुम्हारी याद बिलकुल नहीं आई
जब तुम्हारी हंसी की आवाज़
वो गली की दूकान पे सुनाई दी
मैंने सोचा नहीं तुम्हारे बारे में कभी
जब भी तुम्हारी पर्फुम लगा के
कोई लड़की गुजरी पास से
सच कहता हूँ
मैंने कभी याद नहीं किया तुम्हें
तुम्हारे जाने के बाद
Monday, February 1, 2010
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1 comment:
neend nahi aa rahi thi socha ki tumko padh lun..par isko padhne ke bad pata nah kab tak nind nahi aayegi.
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